सोमवार, 14 सितंबर 2026

मंटू मुर्मू पर प्राणघातक हमला मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग हुआ सख्त

गिरिडीह एसपी से मांगी 7 दिनों में कार्रवाई की रिपोर्ट, जवाब नहीं मिलने पर समन जारी करने की चेतावनी


गिरिडीह। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े मंटू मुर्मू पर हुए कथित प्राणघातक हमला, जातिगत अपमान एवं उत्पीड़न के मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने गिरिडीह एसपी को नोटिस भेज पूरे मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 


आयोग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि मंटू मुर्मू, पिता शुकरा मुर्मू, ग्राम जोधपुर, थाना ताराटांड़, जिला गिरिडीह द्वारा 23 अगस्त 2026 को शिकायत भेजी गई थी। शिकायत में हमले,जातिगत अपमान एवं उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 338क के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच/अन्वेषण करने का निर्णय लिया है। आयोग ने गिरिडीह एसपी से आरोपों और मामले में अब तक की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना सात दिनों के अंदर आयोग को भेजने को कहा है। 



जवाब नहीं मिला तो जारी हो सकता है समन 

नोटिस में आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर आयोग संविधान के अनुच्छेद 338क के तहत प्राप्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। इसके तहत संबंधित अधिकारी को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अथवा प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया जा सकता है। 


आयोग का यह कदम मामले की गंभीरता को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब गिरिडीह पुलिस की ओर से आयोग को दी जाने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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