मंगलवार, 9 दिसंबर 2025

सदर अस्पताल में हुआ एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण एक्ट 2014 पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम

गिरिडीह (Giridih)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मंगलवार को सदर अस्पताल में एचआईवी एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण एक्ट 2014 पर विधिक जागरूकता सह साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम


झालसा, रांची के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1988 के बाद हर वर्ष 1 दिसंबर को एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार की वजह से एड्स महामारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कहा कि प्रारंभ में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन बाद में पता चला कि एचआईवी की संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। वर्ष 1996 में संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसके प्रचार प्रसार का काम संभालते हुए 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार रोकथाम और शिक्षा का कार्य शुरू किया।


भारत सरकार के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार दुनिया भर के लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना जरूरी है इसी उद्देश्य से हर साल विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। एचआईवी के संक्रमण संक्रमित लोगों के लिए सपोर्ट दिखाने और एड्स रोगियों को साहस देने के लिए इसे एक विशेष थीम भी दिया जाता है।

कार्यक्रम में  एलएडीसीएस के फैयाज अहमद एवं रविकांत शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में सदर अस्पताल की ओर से डॉक्टर रचना शर्मा, डॉक्टर  रेखा झा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को सफल बनाने मे पीएलबी दिलीप कुमार, रंजना सिन्हा  , मो. वारिस की भूमिका सराहनीय रही। 


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