◆आधुनिक तकनीक अपनाकर अधिक से अधिक पैदावर लें किसान : उपायुक्त
गिरिडीह (Giridih)। अनुमंडल कृषि प्रक्षेत्र, पचंबा में जिला स्तरीय रबी कार्यशाला 2025 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रुप में उपायुक्त रामनिवास यादव शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त समेत कृषि संबद्ध विभाग के पदाधिकारी एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उपायुक्त ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड स्तरीय प्रसार कर्मियों एवं प्रगतिशील किसानों से कार्यशाला में दी जा रही जानकारी को आत्मसात करने और किसानों को जागृत होकर इसका लाभ लेने की अपील की। कहा कि पुराने समय में सिंचाई व्यवस्था और आधुनिक तकनीकी अपनाकर कैसे आगे बढ़ सकते और अच्छी पैदावार ले सकते हैं। इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आहूत है। उपायुक्त ने इस दौरान मत्स्य विभाग द्वारा संचालित वेद व्यास योजना एवं सहकारिता विभाग द्वारा बिरसा फसल बीमा योजना के बारे में बताया और किसानों से केसीसी का लाभ लेने एवं निर्धारित समय पर जमा करने की बातें कही। ताकि उन्हें और अधिक राशि मिल सकेगी, अन्यथा व्याज अधिक भरना पड़ता है।
कार्यशाला के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कृषि विभाग अंतर्गत चल रही योजनाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शतप्रतिशत अनुदान पर बिरसा फसल विस्तार योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत चना, मसूर, नेशनल मिशन ऑन इडियल ऑयल-ऑयल सीड के तहत् सरसों बीज का वितरण ऑन लाईन ओटीपी के माध्यम से ब्लॉक चेन टेक्नोलोजी एवं कृषि मेपर ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। इस वर्ष गिरिडीह जिला में भी रबी 2025 से सभी प्रखण्डों में डिजिटल कॉप सर्वे का कार्य भी किया जाना है। जिसके लिए जिला स्तर एवं प्रखण्ड स्तर का दल के साथ साथ सुपरवाईजर एवं सर्वेयर का गठन किया गया है। इसके लिए दो सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं दो प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी को प्रशिक्षित किया गया है। किसान समृद्धि योजना के तहत् जिला में 410 इकाई लक्ष्य के अनुसार लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए योग्य इच्छुक किसानों से ऑनलाईन आवेदन कराने की बातें कही।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि 15 दिसंबर 2025 से गिरिडीह जिला में 58 केन्द्रों पर धान अधिप्राप्ति किया जायेगा जिसके लिये 2450/- प्रति क्वींटल निर्धारित है। किसान धान बेचने हेतु अपना निबंधन कराएँ। इसके साथ साथ इनके द्वारा बाताया गया कि रबी मौसम में फसलों का बीमा कराया जा रहा है। मात्र एक रुपये टोकन मनी के साथ किसान प्रकृतिक आपदा से फसल नुकसान का लाभहेतु अपना फसल का बीमा अवश्य कराएँ।
जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी द्वारा विभागीय संचालित योजनाओं को विस्तार पूर्वक बताया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ द्वारा रबी मौसम में फसलों में लगने वाले कीट/व्याधि से नुकसान एवं नियंत्रण की जानकारी विस्तार पूर्वक दी गई। कार्यक्रम का मंच संचालन कृषि विभाग कर प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक रमेश कुमार ने किया। कार्यकम में सभी प्रखण्ड के प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, जनसेवक, किसान मित्र, प्रगतिशील किसान, विभागीय कर्मचारी सहित 150 प्रतिभागी भाग लिये।
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