शनिवार, 10 जनवरी 2026

पर्यवेक्षक पर मनमानी कर अपने चहेते को भाजपा मंडल अध्यक्ष बनाने का आरोप

राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर किया निष्पक्ष रायशुमारी करा मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग

गिरिडीह(Giridih)। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गिरिडीह जिले में सांगठनिक ढांचे को मजबूत एवं और अधिक समृद्ध बनाने के उद्देश्य से जहां जिले में दो दो जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं जिला भाजपा में मंडल अध्यक्ष के नियुक्ति पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए भाजपा के सक्रिय एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र प्रेषित कर मंडल अध्यक्ष के चुनाव में चुनाव पर्यवेक्षक द्वारा पार्टी के नियम और सिद्धान्त के विपरीत जाकर कार्यकर्ताओं के निर्णय के विरुद्ध मनमानी तरीके से अपने चहेते व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने का आरोप लगाया है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रेषित 39 सदस्यों द्वारा संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र की प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को भी प्रेषित कर निष्पक्ष तरीके से रायशुमारी करा मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग किया है। साथ ही चुनाव पर्यवेक्षक के विरुद्ध भी कार्रवाई करने की मांग किया है, ताकि कार्यकर्ताओं का विश्वास पार्टी पर बनी रहे।


यह पुरा मामला जिले के पीरटांड़ मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति से जुड़ा है। जिसके चुनाव पर्यवेक्षक जिला महामंत्री महेंद्र प्रसाद वर्मा थे। जिन पर यह आरोप लगाया गया है कि रायशुमारी के दौरान पीरटांड़ के भाजपाइयों ने मात्र एक ही नाम पर सर्वसम्मति से निर्णय सुनाया। तब पर्यवेक्षक ने यह कहा कि एक नहीं तीन नाम चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जब यह कहा कि जब सबों की सहमति एक ही नाम पर है तो अन्य नाम की जरूरत ही क्या है? तब चुनाव पर्यवेक्षक ने प्रदेश नेतृत्व द्वारा जारी निर्देश का हवाला देते हुए तीन नाम देने की बातें कही। पीरटांड़ के भाजपाइयों ने तब तीन नाम दिये। लेकिन मंडल अध्यक्ष के पद पर उन तीनों नाम को छोड़ चौथे व्यक्ति को नियुक्त किया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सेटिंग गेटिंग के आधार पर चुनाव पर्यवेक्षक ने अपने चहेते चौथे व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष बनाया है। जबकि रायशुमार के दौरान उनका नाम तक नहीं आया था।


राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रेषित पत्र में भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं ने कहा है कि चुनाव पर्यवेक्षक महेंद्र प्रसाद वर्मा न केवल पार्टी के नियमों को ताख पर रख कर अपनी मनमानी किया है बल्कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ करने का काम किया है। प्रेषित पत्र में यह भी उल्लेखित किया है सर्व प्रथम सर्वसम्मति से एक नाम पंचम कुमार सिंह का दिया गया था। लेकिन पर्यवेक्षक के कहने पर दो अन्य नाम अरविंद बरनवाल और संतोष राणा का दिया गया था। लेकिन मंडल अध्यक्ष चौथा व्यक्ति अजय कुमार सिंह नियुक्त किया गया। जो बहुत ही गलत, दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंतनीय है। साथ ही समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ नाइंसाफी है।


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