गिरिडीह (Giridih)। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत के महत्व को स्थापित करने हेतु झारखण्ड शिक्षा विभाग के सचिव के निर्देश के आलोक में आज सर जेसी बोस विद्यालय में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन का आयोजन प्रार्थना सभा में किया गया। जिसमें विद्यालय के सभी विद्यार्थियों शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के इतिहास इसकी रचना और महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पहली बार इस गीत का गायन रविंद्र नाथ टैगोर ने भारतीयों के दिल में एकता के साथ राष्ट्रीयता के भाव को पैदा करने के लिए किया।
श्री कुशवाहा ने विद्यार्थियों को बताया कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इस वर्ष आज 7 नवंबर को भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह एक ऐसी रचना है जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की अनगिनत पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
मौके पर विद्यालय के हेड गर्ल बाल संसद के प्रधानमंत्री, सभी मंत्री, सभी हाउस के कप्तान ने बड़े मनोभाव से इसका गायन किया। मौके पर विद्यालय के मैनेजर ठाकुर सर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं और शिक्षककेतर कर्मचारी शामिल हुए।
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