मिली जानकारी के अनुसार सिहोडीह गांव में बाघमारा-गोमो से बारात आयी थी। बारात का स्वागत वधु पक्ष के लोगों ने काफी जोर-शोर से किया। दोनों परिवार खुशी के माहौल में डूबे थे। परम्परागत तरीके से बारात नगर भ्रमण कर वापस द्वार पर लौटी। शांतिपूर्ण तरीके से जयमाला की रस्म सम्पन्न हुई। लेकिन इसके तुरंत बाद शादी की रस्में शुरू होने से ठीक पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंडप पर अचानक दुल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। दूल्हे के भाई और दुल्हन के पिता के बीच कहासुनी हो गई। दोनों ओर से विवाद इतना बढ़ा की मंडप में शादी की सभी रस्में रोकनी पड़ीं।
दूल्हे के भाई और दुल्हन के पिता के बीच तीखी नोक-झोंक को देखते हुए रात में कई लोगों ने दोनों पक्षों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हो सका। देर रात तक मामला गंभीर होता देख बाराती और सराती दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। बारात लेकर आई कार भी थाने के बाहर ही रोक दी गई।
वहीं सुबह पूर्व मुखिया और समाजसेवी संदीप शर्मा तथा मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने मामले में हस्तक्षेप किया। दोनों पक्ष को थाने में बैठकर दोनों पक्षों की बातें सुनी और धैर्य के साथ दोनों पक्षों को समझा बुझा कर मामले को शांत कराया। दोनों पक्षों ने अपनी अपनी गलती स्वीकारी और विवाद पर विराम लगने के बाद दूल्हा और दुल्हन का विवाह सम्पन्न कराया गया।
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