बुधवार, 28 जनवरी 2026

वरिष्ठ पत्रकार स्व मोहन लाल छापरिया को उनकी 18वीं पुण्यतिथि पर शत शत नमन विनम्र श्रद्धाजंलि

गिरिडीह (Giridih)। गिरिडीह के वरिष्ठ पत्रकार रहे मोहन लाल छापरिया जी की आज 18वीं पुण्यतिथि है। उनके पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन। विनम्र श्रद्धांजलि 🙏



स्व छापरिया गिरिडीह के पत्रकारिता जगत के एक धरोहर थे। उन्होंने जब पत्रकारिता की शुरुआत की थी उस जमाने मे गिरिडीह में मात्र कुछ गिने चुने ही पत्रकार हुआ करते थे। उस दौर में पत्रकारिता एक मिशन हुआ करता था। लेकिन अब उसका स्वरूप काफी बदल गया है। अब पत्रकारिता महज एक कमाई का जरिया और ब्लैकमेलिंग का हथकंडा बन गया है। हालांकि अब भी कई पत्रकार, पत्रकारिता को मिशन बना कर काम कर रहें है। जिसका नतीजा है कि आज के दौर में घोटाले उजागर हो रहे हैं।


बता दें कि स्व छापरिया के दौर में गिरिडीह जो गिने चुने पत्रकार हुआ करते थे उनमें पीटीआई रिपोर्टर एनएम गांधी, आकाशवाणी संवाददाता अबु सगीर, टाइम्स ऑफ इंडिया के नौरंगी लाल, सर्च लाइट के सीएम प्रसाद, बाबूलाल कामगार (बनियाडीह), परशुराम शर्मा (डुमरी) जितेंद्र जैन (इसरी), ओम प्रकाश बथवाल (धनवार), भोला प्रसाद चरणपहाडी, शिव प्रसाद छापरिया, सीता राम बरनवाल (बगोदर) एवं नरेंद्र सिंह नीलम आदि शामिल थे। जिन्होंने अपनी कलम की पैनी धार के बूते गलत करने वालों का नकेल कसने का काम किया था। इसके कई उदाहरण हैं।


हालांकि उस दौर के पत्रकारों में अब कई पत्रकार हम सबों के बीच नहीं हैं। आज स्व मोहन लाल छापरिया जी के पुण्यतिथि पर उन सभी दिवंगत वरिष्ठ गुणीजनों जो अब हम हमारे बीच नहीं हैं उन्हें भी भावपूर्ण श्रद्धाजंलि।


स्व छापरिया के उस दौर को गिरिडीह के पत्रकारिता का स्वर्णिम काल कहा जा सकता है। हालांकि बाद में गिरिडीह पत्रकारिता जगत में कुछ नये पत्रकारों का आगमन हुआ। जिन्होंने भी कई मायने में पत्रकारिता को मिशन बना कर काम किया और गिरिडीह के पत्रकारिता जगत में एक नये अध्याय की शुरुआत की। लेकिन बर्तमान समय मे पत्रकारों की एक बड़ी फ़ौज गिरिडीह में खड़ी हो गयी है। लेकिन पत्रकारिता अब मिशन नहीं रह गया है। यह एक व्यवसाय का रूप ले लिया है। आज के दौर में पत्रकारों में चाटुकार प्रवृति हावी हो गया है और पत्रकारिता दिशा विहीन हो गया है।


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