शनिवार, 3 जनवरी 2026

शाक भवानी माता शाकम्भरी का 15वां वार्षिक उत्सव सह प्राकट्य दिवस समारोह धूमधाम से सम्पन्न

गिरिडीह (Giridih)। श्री शाकम्भरी सेवा समिति द्वारा स्थानीय मोदी धर्मशाला में शाक भवानी माता शाकम्भरी का 15वां वार्षिक उत्सव सह प्राकट्य दिवस समारोह का आयोजन किया गया।


इस दौरान माता का भव्य व मनमोहक दरबार सजाया गया। जिसमे माता का आकर्षक श्रृंगार, मेंहदी, गजरा, चुनड़ी उत्सव के साथ मंगलपाठ किया गया। अखंड ज्योत के साथ छप्पन भोग का महाप्रसाद लगाया गया। वहीं भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। जिसमे धनबाद के प्रसिद्ध कलाकार अभिषेक सिंघल द्वारा  माता का गुणगान करता भजनों को प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर व मंत्रमुग्ध कर दिया।।


किवंदती और पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार धरती पर दुर्गम नामक महादैत्य ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त कर के चारों वेदों का स्वामित्व प्राप्त कर बैठा था। जिस कारण सभी धार्मिक और वैदिक क्रियाओं का फल उसे मिलने लगा और देवताओं की शक्ति पूर्ण रूप से क्षिण हो गई। 100 वर्षों तक वृष्टि नहीं हुई जिस कारण सम्पूर्ण सृष्टि अकाल ग्रस्त हो गई। चारों तरफ हाहाकार मच गया। तब देवताओं और ऋषि मुनियों के आह्वान पर आदिशक्ति जगदम्बा शताक्षी रूप में प्रकट हुई और अपने 100 नेत्रों से अश्रु बहाकर वृष्टि करवायी। इतना ही नहीं उन्होंने शाकम्भरी का रूप धारण कर न केवल अपने भक्तों की क्षुधा मिटायी, बल्कि दुर्गम महादैत्य का वध भी किया।जिसके बाद उनका नाम दुर्गा देवी प्रचलित हुआ।



कार्यक्रम को सफल बनाने में अमित छापरिया, विनोद खंडेलवाल, सुधीर गोयल, दीपक चिरानिया, संजीत मारोदिया, सुनिल अग्रवाल, आरती छापरिया, सोनी गोयल, पूनम चिरानिया, रेखा मारोदिया समस्त शाकम्भरी परिवार के महिला पुरुषों का काफी सराहनीय योगदान रहा।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें