आवेदन में बताया है कि अपराधी द्वारा भेजे जा रहे उनके फेसबुक फ्रेन्डों के मेसेज में यह कहा जा रहा है कि अभी मैं (दिलीप भाई) साऊथ अफ्रीका में हूं, मैं यहां फंस गया हूं, मुझे दस हजार रूपये की जरूरत है, तुरंत भेजो। यह भी कहा जा रहा है कि ये बात किसी को बताना नहीं। कतिपय लोग जो साईबर अपराध से बिल्कुल अंजान हैं वो बिना मुझे फोन किये साईबर अपराधी के चंगुल में फंस कर पैसा भेज दे रहे हैं। रजक ने बताया कि उनके एक मित्र महेश प्रसाद से साईबर अपराधी ने मंगलवार को दस हजार रुपए ठग लिये हैं।दिलीप कुमार रजक ने साईबर थाना की पुलिस से इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया है।
दिलीप रजक ने अपने मित्रों से अनुरोध किया है कि दिलीप भाई नामक इस फेक आईडी से यदि किसी को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट जाता है तो कृपया एक्सेप्ट नहीं करें। पैसा की मांग करे तो नहीं दें। कहा कि साईबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगने के लिए रोज नये नये तरीके अपनाते हैं। वे इतने सातिर होते हैं कि कोई ना कोई उनके चंगुल में फंस ही जाता है। उन्होंने अपने मित्रों समेत आम जनता से साईबर अपराध के प्रति जागरूक रहने और उनकी चिकनी चुपड़ी बातों में आकर उनके में चंगुल में नहीं फंसने का अनुरोध किया है।
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