गिरिडीह (Giridih)। कला संगम गिरिडीह के कलाकारों ने आज स्थानीय वकालत खाना के मंच पर स्वदेश दीपक लिखित एवं सतीश कुंदन निर्देशित एकांकी काल कोठरी का मंचन किया। जिसका उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहना की।
इस नाटक का कथानक एक थिएटर आर्टिस्ट के जीवन और उसके संघर्षों को प्रदर्शित करता है। नाटक एक अभिनेता “रजत” के इर्द – गिर्द घूमती है। रजत एक संघर्ष करता हुआ अभिनेता है , उसके पास कोई स्थायी नौकरी नहीं है। बीवी से बहुत ताने सुनने को मिलते है , लेकिन रजत न जाने कितने लोगों की जिंदगी जीने में अपनी जिंदगी बिता रहा।
नाटक की पृष्ठभूमि में रजत की ज़िन्दगी के साथ- साथ एक नाटक का रिहर्सल भी दिखाया गया है। उसमें रजत के साथ साथ उसके सह कलाकार को एक नया नाटक करने को मिलता है, जो एक ऐसे लेखक ने लिखा है जिनका नाटक आज तक कभी स्टेज तक नहीं पहुंच पाया था। उस नाटक के लेखक है नवीन जी।
नवीन जी 10 नाटक लिख चुके है, लेकिन आज तक उनके लिखे किसी भी नाटक को कोई भी स्टेज पर करने को तैयार नहीं होता है। अंततः रजत के डायरेक्टर कौल को उन पर दया आ जाती है और उन्होंने उनका एक नाटक स्टेज पर करने का विचार करता है। नाटक इसी कथानक के इर्द गिर्द घूमती है।
एकांकी में आईएएस ऑफिसर की भूमिका में अनुराग सागर, ऑफिसर और महेंद्र की दोहरी भूमिका में रवीश आनंद, कोल साहब की भूमिका में संदीप सिन्हा, मिस वसुंधरा की भूमिका में अनुष्का सिन्हा, रजत की भूमिका में नीतीश आनंद, मीणा की भूमिका में सुजाता कुमारी,
कला संगम के सचिव सतीश कुंदन ने बताया कि गिरिडीह में इस नाटक का आज प्रदर्शनी शो किया गया। यही नाटक को लेकर कला संगम के कलाकार आगामी 27 दिसम्बर को आजमगढ़ में 29 दिसम्बर को डेहरी ओनसोन में आयोजित अखिल भारतीय नाट्य प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
आज के प्रदर्शनी शो में कलाकारों की ऊर्जा, ओज और उनके द्वारा उम्दा प्रस्तुति को देखते हुए संस्था के संरक्षक राजेन्द्र बगेड़िया, संयोजक चुन्नू कांत, सह संयोजक सुनील भूषण, सह सचिव मदन मन्जर्वे, कोषाध्यक्ष बिनय बक्सी, संगीत प्रमुख ऑरित चंद्रा, धरणीधर प्रसाद, कृष्णा प्रसाद मनोज कुमार मुन्ना आदि पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों की सराहना की और अखिल भारतीय नाट्य प्रतियोगिता में विजयी प्राप्त करने की अग्रिम बधाई दी। उन सबों ने सभी कलाकारों के उज्जवल भविष्य की भी कामना की।
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